आरटीआई के जरिये खुलासा हुआ है कि देश में राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड मुंबई और कोलकाता से खरीदे गए

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एक आरटीआई के जरिये खुलासा हुआ है कि देश में राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बॉन्ड मुंबई और कोलकाता से खरीदे गए. ये कुल खरीदे गये बॉन्ड के लगभग 50 फीसदी थे. आरटीआई जवाब में कहा गया है कि 1,880 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड या 30.6 फीसदी मुंबई से खरीदे गए जबकि 1,440 करोड़ रुपये या 23.5 फीसदी कोलकाता में जारी किए गए. मार्च 2018 और इस अक्टूबर के बीच 12 चरणों में बेचे गए चुनावी बॉन्ड का मूल्य 6,128 करोड़ रुपये था.

चुनावी बॉन्ड मौद्रिक उपकरण हैं जो नागरिक या कॉरपोरेट समूह भारतीय स्टेट बैंक से खरीद सकते हैं और एक राजनीतिक पार्टी को दे सकते हैं. ये बॉन्ड गुमनाम हैं. इस योजना को जनवरी 2018 में अधिसूचित किया गया था.

आरटीआई के अनुसार इस अवधि में नई दिल्ली में 919 करोड़ रुपये के बांड जारी किए गए, इसके बाद हैदराबाद में 846 करोड़ रुपये, भुवनेश्वर में 330 करोड़ रुपये, गांधीनगर में 211 करोड़ रुपये, बेंगलुरु में 210 करोड़ रुपये और चेन्नई में 184 करोड़ रुपये के बॉन्ड खरीदे गए.इस साल आम चुनाव के बाद से 277 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे गए. भारतीय स्टेट बैंक ने पहले कहा था कि उसने मार्च और अप्रैल 2019 में 3,622 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे. अप्रैल के महीने में 2,256 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड चुनाव से पहले बेचे गए, जो सबसे अधिक हैं. अप्रैल में आरटीआई में खुलासा किया था कि राजनीतिक दलों को मार्च 2018 और 24 जनवरी, 2019 के बीच चुनावी बांड के माध्यम से 99.8% चंदा प्राप्त किया.

Rokthok Lekhani

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