कौन कर रहा 'तिरंगे' पर राजनीति, कांग्रेस पार्टी ने तिरंगा तो लगाया, लेकिन… चीन से किसने ली 'हर घर तिरंगा' अभियान में मदद?

Who is doing politics on 'Tricolor', Congress party put up the tricolor, but… who took help from China in the 'Har Ghar Tricolor' campaign?

Advertisement

Creative Point Photo Videography (Mumbai)
कौन कर रहा 'तिरंगे' पर राजनीति, कांग्रेस पार्टी ने तिरंगा तो लगाया, लेकिन… चीन से किसने ली 'हर घर तिरंगा' अभियान में मदद?

केंद्र सरकार और भाजपा के 'हर घर तिरंगा' अभियान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। हालांकि इससे पहले आप संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक विज्ञापन खूब सुर्खियां बटोर रहा है। केजरीवाल ने तिरंगा फहराने को लेकर बीच का रास्ता निकाल लिया।

केंद्र सरकार और भाजपा के 'हर घर तिरंगा' अभियान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। हालांकि इससे पहले आप संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक विज्ञापन खूब सुर्खियां बटोर रहा है। केजरीवाल ने तिरंगा फहराने को लेकर बीच का रास्ता निकाल लिया।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 14 अगस्त की शाम को तिरंगा फहराएं और राष्ट्रगान गाएं। कांग्रेस पार्टी भी इस मुहिम के खिलाफ नहीं है, मगर वह अपने तरीके से तिरंगा फहराना चाहती है। शनिवार को राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट लिखी तो उसमें बहुत कुछ कह दिया।

तिरंगा अभियान में 'चीन' का नाम आ गया। राहुल ने लिखा, चीन के साथ तिरंगे का सौदा करने वाले प्रधानमंत्री को चीन की घुसपैठ कैसे दिखेगी! सच्चा देश भक्त वो है जो अपने देश पर कोई आंच न आने दे।

हालांकि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इससे पहले तिरंगे को लेकर मध्यमार्ग अपना चुके थे। केंद्र सरकार में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अपील की गई कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जो लोग हैं, वे अपनी डीपी में तिरंगे का फोटो लगा लें।

केंद्र सरकार एवं भाजपा से जुड़े लोगों ने डीपी में तिरंगे का फोटो लगा लिया। यहां पर कांग्रेस पार्टी ने तिरंगा तो लगाया, लेकिन उसमें केवल तिरंगा नहीं था। उसे फहराने वाला भी था। फोटो में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु उस तिरंगे को अपने हाथ में पकड़े हुए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसी तिरंगे को डीपी पर लगाया है। भाजपा की ओर से शुरू में इस पर विवाद खड़ा करने का प्रयास हुआ, लेकिन फोटो में तिरंगा तो था, भले ही उसे नेहरु ने पकड़ रखा था।

कांग्रेस पार्टी यहीं पर नहीं थमी, उसने आरएसएस को भी इस विवाद में खींच लिया। पार्टी ने कहा, आरएसएस मुख्यालय पर 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया गया। इतना ही नहीं, पीएम की अपील के फौरन बाद जब केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तिरंगा लगा लिया था, लेकिन आरएसएस का शीर्ष नेतृत्व उस वक्त इस मुहिम से दूर था।

कांग्रेस ने इस बात को लगातार भुनाने का प्रयास किया कि आरएसएस को तिरंगे में विश्वास नहीं है। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी ट्वीटर की डीपी पर तिरंगा लगा लिया है। अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने लिखा, सच्चा देशप्रेमी वो है जो देश के एक-एक इंच की रक्षा के लिए लड़ जाए। सच्चा देशसेवक वो है जो अपनी मातृभूमि की गरिमा और शान को बनाए रखने के लिए समर्पित हो।  
चीन से आयात पॉलिएस्टर से बन रहा तिरंगा …
राहुल गांधी ने आगे लिखा, चीन ने हमारे देश की सीमाओं पर कब्जा करने की हिम्मत की है। सत्ता में आने से पहले, चीन को 'लाल आंख' दिखाने वाले प्रधानमंत्री जी, आठ सालों से चीन के आगे नतमस्तक हैं। प्रधानमंत्री के मुंह से चीन का नाम तक नहीं निकलता है।

ऐसे क्या कारण हैं कि जनता द्वारा चुने प्रधानमंत्री ने जनता के ही हित को सर्वोपरि न रखते हुए, चीन के मामले में चुप्पी साधने का निर्णय लिया? ऐसे क्या कारण हैं कि तिरंगे के लिए, देश की शान, खादी को छोड़, उन्हें चीन से आयात किए पॉलिएस्टर का सहारा लेना पड़ा।

ऐसे क्या कारण हैं कि जब सीमा पर चीन की घुसपैठ बढ़ रही है, तब भारत का चीन से आयात भी बढ़ रहा है? प्रधानमंत्री को देश को संबोधित कर कारण बताने चाहिए। हिंदुस्तान के मान के लिए प्रत्येक नागरिक उनका साथ देगा, पर तभी, जब बात भारत माता की होगी।

केवल 'सर्वज्ञानी का महिमामंडन' हो रहा है!
हर घर तिरंगा अभियान को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ी जुबानी जंग में कांग्रेस प्रवक्ता जयराम ने अब कहा है कि आजादी की 25वीं, 50वीं और 60वीं वर्षगांठ पर सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इस बार भाजपा सरकार की ओर से ऐसा आयोजन नहीं किया गया।

जयराम ने कहा, भाजपा सरकार इस अवसर का इस्तेमाल केवल 'सर्वज्ञानी का महिमामंडन' करने के लिए कर रही है। पीएम मोदी ने शनिवार को अपने ट्वीट में कहा, तिरंगे की ताकत क्या होती है, ये हमने कुछ समय पहले ही यूक्रेन में देखा है। तिरंगा युद्धक्षेत्र से बाहर निकलने में भारतीयों का ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लोगों के लिए भी सुरक्षा कवच बन गया था।

Advertisement

Creative Point Photo Videography (Mumbai)
Citizen Reporter
Report Your News
Download Android App
Download Android App

Join Us on Social Media

Post Comment

Comment List

Advertisement

Creative Point Photo Videography (Mumbai)

Join Us on Social Media

Latest News

 पुणे में आधी रात को ढहा दिया गया चांदनी चौक ब्रिज... पुणे में आधी रात को ढहा दिया गया चांदनी चौक ब्रिज...
महाराष्ट्र के पुणे में चांदनी चौक ब्रिज गिरा दिया गया है. यह 2 अक्टूबर को सुबह 2 बजे गिराया गया....
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका, मिलिंद नार्वेकर शिंदे गुट में हो सकते हैं शामिल...
नवी मुंबई के कोपरखैरने इलाके में ताश के पत्तों की तरह ढही 4 मंजिला इमारत, एक व्यक्ति की मौत...
फिल्मी स्टाइल में हो रही थी तस्करी, नवी मुंबई में 1,476 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त...
अभिनेता Annu Kapoor ठगी का शिकार, ठगों ने ४.३६ लाख रुपए निकाल लिए
मुंबई कोस्टल रोड योजना २०२३ तक हो जाएगी पूरी...
क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े शातिर चोर...2 लाख से ज्यादा का माल जप्त

Advertisement

Creative Point Photo Videography (Mumbai)

Join Us on Social Media

Videos