भारतीय प्रधानमंत्री का भूटान दौरा

भारतीय प्रधानमंत्री का भूटान दौरा

कुलिन्दर सिंह यादव

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान के अपने दो दिवसीय दौरे से वापस आए हैं दूसरे कार्यकाल में यह इनका पहला भूटान का दौरा है लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक के देशों को आमंत्रित किया था और उसमें भूटान भी शामिल है उसके तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्री ने अपना पहला दौरा भूटान का किया अपने पहले कार्यकाल में भारतीय प्रधानमंत्री ने अपना पहला दौरा भूटान का किया था इसी के साथ प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से पड़ोसी प्रथम की नीति को जगजाहिर कर दिया है और यह भी बताया की भूटान का भारत के लिए क्या महत्व है |
भूटान का भारत के साथ प्रमाणिक ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध है इन्हीं संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए प्रधानमंत्री की यह विदेश यात्रा हुई है भूटान के भौगोलिक स्थिति कि यदि बात की जाए तो भूटान दो देशों के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है जिनमें चीन और भारत शामिल है जहां भूटान-चीन संबंधों में आपसी सीमा विवाद के कारण उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है वहीं भारत के साथ मधुर संबंध स्थापित हैं | भूटान एक स्थलरुद्ध देश है और भारत ने भूटान को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए कोलकाता बंदरगाह तक पहुंच उपलब्ध कराई है | जिसके माध्यम से भूटान अन्य देशों से व्यापार के लिए संबंध स्थापित कर पाता है भारत भूटान संबंधों की स्थिति का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि भारत भूटान के सैनिकों को प्रशिक्षण देता है भूटान के लिए एयर कवर की सुविधा उपलब्ध कराता है इसके साथ-साथ भारत भूटान की सीमा की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहता है हालिया डोकलाम विवाद इसका उदाहरण है इन सबके बदले में भूटान हमेशा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के पक्ष में खड़ा रहता है और अभी हाल ही में धारा 370 को जम्मू कश्मीर से हटाने पर भूटान ने भी इसका समर्थन किया |
भारतीय प्रधानमंत्री के इस दौरे में 10 आपसी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं जिनमें भारत ने चार सौ करोड़ रूपए भूटान को निर्यात अवसंरचना में विकास के लिए देने की बात की है भारत के आईआईटी संस्थानों और रॉयल भूटान यूनिवर्सिटी के बीच भी समझौता हुआ है भारत का रूपए कार्ड भूटान में लॉन्च किया गया है जिससे अब भूटान में शॉपिंग के लिए रुपे कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा इसके पहले चरण में भारतीय बैंक रुपे कार्ड जारी करेंगे जिनका प्रयोग भूटान में हो सकेगा और द्वितीय चरण में भूटान के बैंकों को ऐसे रुपे कार्ड जारी करने का अधिकार दिया जाएगा जिनका प्रयोग भूटानी नागरिक भारत में कर सकेंगे यह समझौता भूटान का भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम में विश्वास को दिखाता है | इससे पहले भारत ने रुपे कार्ड को सिंगापुर में लांच किया था इसी के साथ सौ मिलियन डॉलर का करेंसी स्वैप का भी समझौता भारत और भूटान के मध्य हुआ है इसके अंतर्गत यदि कभी भूटान को डॉलर की आवश्यकता होती है तो भारत से यह जरूरत आसानी से पूरी हो सकेगी इन सबके अतिरिक्त भारतीय प्रधानमंत्री ने अपने भूटानी समकक्ष के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के सहयोग से तैयार ग्राउंड अर्थ स्टेशन और सैटकॉम नेटवर्क का भी उद्घाटन किया जिससे भूटान को प्रसारण सेवाओं और आपदा न्यूनीकरण में मदद मिलेगी भारत ने 2017 में दक्षिण एशिया सैटेलाइट अपने पड़ोसी देशों को उपहार स्वरूप दिया था जिसे स्पेस डिप्लोमेसी की संज्ञा दी गई थी पड़ोसी देश भारतीय सैटेलाइट को अपने आवश्यकता अनुसार उपयोग में ला सकते हैं इसके लिए आवश्यकता होती है ग्राउंड अर्थ स्टेशन की जो अब भूटान को मिल चुका है और अब इस सेटेलाइट की मदद से भूटान शिक्षा ,स्वास्थ्य, मौसम संबंधी जानकारियों के साथ-साथ कई अन्य क्षेत्रों में लाभ उठा सकता है आने वाले वर्षों में भूटान के एक सैटेलाइट को भारत लॉन्च करेगा इसके लिए भूटान के वैज्ञानिकों को भारत बुलाया गया है भूटानी युवा वैज्ञानिक भारतीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर सैटेलाइट तैयार करेंगे जिसको इसरो लॉन्च करेगा इन समझौतों में एक महत्वपूर्ण समझौता जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर हुआ है वर्तमान समय में भूटान के तीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट भारत को बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं और यहां के सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र का बारह फ़ीसदी योगदान है इसके अतिरिक्त भारत भूटान के पंचवर्षीय योजनाओं के लिए नियमित पांच हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराता रहा है |
भविष्य में भारत भूटान के स्वास्थ्य ,शिक्षा ,सेवा क्षेत्र के साथ पर्यटन विकास में भी साझेदार हो सकता है इसके अतिरिक्त भारत आईटी सेक्टर में भी भूटान की मदद कर सकता है | वर्तमान समय में जब विश्व के 15 प्रदूषित शहरों में भारत के 14 शहर शामिल हैं तो हमें पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के कुशलतम उपभोग पर बल देने की आवश्यकता है इसके लिए हमें भूटान से कुछ सीखने की आवश्यकता है भूटान जितना कार्बन उत्सर्जित करता है उससे तीन गुना ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड भूटान के जंगल अवशोषित कर लेते हैं इसलिए इसे कार्बन नेगेटिव देश कहा जाता है इन सबके बाद भी भूटान के वन क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि जारी है अगर प्रत्येक देश अपने वन क्षेत्रों में बढ़ोतरी करें तो जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से बचा जा सकता है |
अंतिम में यदि भारतीय प्रधानमंत्री के इस दौरे की बात की जाए तो यह दौरा बहुत ही सफल रहा है और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौते हुए हैं जिनमें रूपे कार्ड का भूटान में लॉन्च होना दौरे की सार्थकता को बयां करता है इसकी पृष्ठभूमि में दशकों से चली आ रही हमारी पड़ोसी प्रथम की नीति है जिसको प्रधानमंत्री ने सर्वोपरि रखा है और इस क्षेत्र से वह व्यक्तिगत रूप से जुड़े रहते हैं |
वर्तमान परिवेश में हमें इस प्रकार के संबंधों को अन्य पड़ोसी देशों के साथ भी बनाए रखने की जरूरत है क्योंकि यदि पड़ोस में शांति स्थापित रहती है तो किसी भी देश के विकास में कोई बाधा नहीं आती है दुर्भाग्य बस इतना है कि हमें पाकिस्तान जैसा उद्दंड पड़ोसी मिला है जो हमेशा अपनी उद्दंडता से नई-नई समस्याएं उत्पन्न करता रहता है जिससे भारत सरकार की आय का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान जनित समस्याओं के निराकरण में चला जाता है | लेकिन यह भी सार्वभौमिक सत्य है कि हम दोस्त बदल सकते हैं पड़ोसी नहीं |

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