भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए की। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कैप्शन लिखकर कहा कि धन्यवाद, उस प्रेम और समर्थन के लिए। बहुत बहुत धन्यवाद। 1929 बजे से मुझे रिटायर समझें। इस वीडियो के बैकग्राउंड में गाना- ‘मैं पल दो पल का शायर हूं…’ बज रहा है। धोनी ने इस गाने के साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है।

अपनी कप्तानी और ‘फिनिशिंग’ के हुनर से महानतम क्रिकेटरों में शुमार 2 बार के विश्व कप विजेता भारत के पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहकर पिछले एक साल से उनके भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया।

गैर पारंपरिक शैली में कप्तानी और मैच को अंजाम तक ले जाने की कला के साथ भारतीय क्रिकेट के इतिहास के कई सुनहरे अध्याय लिखने वाले 39 वर्ष के धोनी के इस फैसले के साथ ही क्रिकेट के एक युग का भी अंत हो गया।

इससे एक दिन पहले ही वे यूएई में होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स टीम से जुड़ने चेन्नई पहुंचे थे। धोनी ने भारत के लिए आखिरी मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल जुलाई में विश्व कप सेमीफाइनल खेला था।

विकेटों के बीच बेहतरीन दौड़ के लिये मशहूर धोनी उस तनावपूर्ण मैच में 50 रन बनाकर रनआउट हो गए थे। उस मैच के बाद वह लंबे ब्रेक पर चले गए थे और पिछले एक साल से उनके संन्यास को लेकर लग रही अटकलों पर कोई जवाब नहीं दिया ।

‘रांची का यह राजकुमार’ हालांकि क्रिकेट के इतिहास में महानतम खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा गया है। भारत के लिए उन्होंने 350 वन-डे, 90 टेस्ट और 98 टी-20 मैच खेले। करियर के आखिरी चरण में वे खराब फार्म से जूझते रहे जिससे उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाती रहीं।

उन्होंने वन-डे क्रिकेट में पांचवें से सातवें नंबर के बीच में बल्लेबाजी के बावजूद 50 से अधिक की औसत से 10773 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 38.09 की औसत से 4876 रन बनाए और भारत को 27 से ज्यादा जीत दिलाई।

आंकड़ों से हालांकि धोनी के करियर ग्राफ को नहीं आंका जा सकता। धोनी की कप्तानी, मैच के हालात को भांपने की क्षमता और विकेट के पीछे जबर्दस्त चुस्ती ने पूरी दुनिया के क्रिकेटप्रेमियों को दीवाना बना दिया था।

वे कभी जोखिम लेने से पीछे नहीं हटे। इसलिए 2007 टी-20 विश्व कप का आखिरी ओवर जोगिंदर शर्मा जैसे नए गेंदबाज को दिया, जो 2011 वन-डे विश्व कप के फाइनल में फार्म में चल रहे युवराज सिंह से पहले बल्लेबाजी के लिए आए। दोनों बार भारत ने खिताब जीता और धोनी देशवासियों के नूरे नजर बन गए।

तीन बार चेन्नई को बनाया चैंपियन : आईपीएल में तीन बार चेन्नई को जिताकर वे ‘थाला’ कहलाए। चेन्नई टीम के सीईओ काशी विश्वनाथ ने हाल ही में कहा था कि वे कम से कम 2022 तक टीम के लिए खेलते रहेंगे।

पिछले साल धोनी ने प्रादेशिक सेना में अपनी यूनिट को सेवाएं दीं जिसमें वे मानद् लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। इसके साथ ही रांची में जैविक खेती भी की और कुछ मौकों पर नेट पर अभ्यास करते भी नजर आए।

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