पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ चल रही जांच बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही है : भाजपा

पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ चल रही जांच बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही है : भाजपा

Ongoing investigation against former Home Minister Anil Deshmukh is being done on the orders of Bombay High Court: BJP

Rokthok Lekhani

भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ चल रही जांच बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही है। इसके साथ ही पार्टी ने देशमुख के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का राजनीति से प्रेरित होने की बात से भी इनकार किया। महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी ने राज्य में पूर्व सहयोगी रही और अब सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही शिवसेना पर भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता के ठिकानों पर छापेमारी का भाजपा से संबंध बताने के लिए हमला किया।

भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देशमुख के खिलाफ जांच उच्च न्यायालय के आदेश के तहत हो रही है और राज्य के पूर्व गृहमंत्री के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताना गलत है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने धनशोधन के मामले में देशमुख की मुंबई और नागपुर स्थित ठिकानों की शुक्रवार को तलाशी ली। केंद्रीय एजेंसी ने सीबीआई की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद देशमुख और अन्य के खिलाफ पिछले महीने धनशोधन निरोधी कानूनी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।

महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी ने राज्य में पूर्व सहयोगी रही और अब सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही शिवसेना पर भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता के ठिकानों पर छापेमारी का भाजपा से संबंध बताने के लिए हमला किया। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देशमुख के खिलाफ जांच उच्च न्यायालय के आदेश के तहत हो रही है और राज्य के पूर्व गृहमंत्री के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताना गलत है।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने धनशोधन के मामले में देशमुख की मुंबई और नागपुर स्थित ठिकानों की शुक्रवार को तलाशी ली। केंद्रीय एजेंसी ने सीबीआई की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद देशमुख और अन्य के खिलाफ पिछले महीने धनशोधन निरोधी कानूनी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ये सभी जांच उच्च न्यायालय के निर्देश पर हो रही हैं। उनमें राजनीतिक कारण तलाशने की कोई वजह नहीं है। हम मानते हैं कि एजेंसिया उच्च न्यायालय के निर्देश पर काम कर रही हैं।’’

राकांपा सांसद सुप्रिया सुले द्वारा ईडी की तलाशी आपातकाल के हालात जैसे करार दिए जाने वाले बयान पर फडणवीस ने कहा, ‘‘ उन्होंने वर्ष 1975-77 के दौर को अनुभव नहीं किया है जिसकी पहचान प्रेस पर सेंसरशिप और नागरिक अधिकारों को निलंबित करने से है।

विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने कहा, ‘‘सुप्रिया सुले ने आपातकाल को नहीं देखा है क्योंकि उस समय वह बच्ची थी…यहां तक उस समय मैं भी बच्चा था। उन्होंने आपातकाल का अनुभव नहीं किया है….लेकिन हमने आपातकाल का अनुभव किया है। मेरे पिता बिना किसी मुकदमे के 21 महीने तक जेल में रहे। उनकी तरह लाखों लोग थे। जॉर्ज फर्नांडिज (समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री) को बर्फ की सिल्लियों पर सोने को मजबूर किया गया। आप आपातकाल के बारे में क्या जानती हैं? उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित जांच को आपातकाल से जोड़ना गलत है।’’

शिवसेना नेता संजय राउत द्वारा राममंदिर जमीन खरीद सौदे की सीबीआई जांच कराने की मांग के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा, ‘‘ वह (राउत) राकांपा की भाषा बोल रहे हैं। क्या उन्हें अयोध्या के बारे में बोलने का कोई हक है? क्या आपने अयोध्या के लिए कोई योगदान दिया है? वे हम हैं जिन्होंने अयोध्या के लिए लड़ा…और अब उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।’’

इस बीच मुंबई के एक अन्य भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने देशमुख के ठिकानों पर ईडी के छापों का संबंध भाजपा से जोड़ने के लिए राउत पर करारा प्रहार किया। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष दारेकर ने कहा कि अगर देशमुख ने कुछ गलत नहीं किया है तो उन्हें भयभीत नहीं होना चाहिए।

एक विज्ञप्ति जारी कर दारेकर ने कहा, ‘‘शिवसेना नेता संजय राउत गलत तरीके से संकेत दे रहे हैं कि ईडी के छापे भाजपा के आदेश पर डाले गए हैं। अगर देशमुख ने कुछ (गलत)भी नहीं किया है तो उन्हें भयभीत नहीं होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सीबीआई के अधिकारियों ने 21 अप्रैल को देशमुख के नागपुर आवास पर छापेमारी की कार्रवाई की। वह जांच के दायरे में है। ईडी ने भी उनके मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी की। जितना अधिक आप मामले का राजनीतिकरण करेंगे उतना ही देशमुख और महा विकास अघाडी सरकार शक के दायरे में आएगी।’’

दारेकर ने कहा कि ईडी और अन्य जांच एजेंसियों ने पहले भी छापेमारी की कार्रवाई की है लेकिन किसी ने भी उसका संबंध उस समय की सरकार से नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘ क्या यह उचित है कि ऐसे छापों का संबंध भाजपा नीत केंद्र सरकार से जोड़ा जाए?


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