बम्बई उच्च न्यायालय ने कंगना, उनकी बहन को राजद्रोह मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण की अवधि बढ़ाई

मुंबई: बम्बई उच्च न्यायालय ने सोमवार को अभिनेत्री कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल को राजद्रोह और अन्य आरोपों के तहत मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के संबंध में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण की अवधि 15 फरवरी तक बढ़ा दी।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और मनीष पिटाले की एक पीठ ने रनौत और उनकी बहन द्वारा दायर याचिका पर आगे की सुनवाई स्थगित कर दी, जिसमें मुंबई पुलिस द्वारा बार-बार भेजे गए समन और उपरोक्त प्राथमिकी के आधार पर उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के बांद्रा मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी गई है। पीठ ने कहा, चूंकि सुनवाई स्थगित कर दी गई है, इसलिए दोनों को दिए गए अंतरिम संरक्षण को अगली तारीख तक स्वभाविक रूप से बढ़ा दिया जाएगा।

कास्टिंग निर्देशक और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सैय्यद ने रनौत और उनकी बहन के खिलाफ उनके द्वारा कथित तौर पर किए गए कुछ ट्वीट और बयानों का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद मुम्बई में मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश पर पिछले साल अक्टूबर में बांद्रा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अपने वकील रिजवान मर्चेंट के माध्यम से सोमवार को उच्च न्यायालय में दायर एक हलफनामे में, सैय्यद ने कहा कि रनौत और उनकी बहन रंगोली ने अपने ट्वीट से घृणा फैलायी है और महाराष्ट्र सरकार के प्रति असंतोष को बढ़ावा दिया है।

सैय्यद ने कहा कि दोनों बहनों ने अपनी टिप्पणियों से समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा दिया है।

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