धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार गुडविन ज्वैलर्स के दो मालिकों की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी

मुंबई : महाराष्ट्र में ठाणे की एक अदालत ने हजारों निवेशकों के साथ कई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार गुडविन ज्वैलर्स के दो मालिकों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष मामले) आर वी तम्हणेकर ने शनिवार को आदेश दिया कि आरोपी भाइयों ए एम सुधीर कुमार और ए एम सुनील कुमार को इस समय जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता, अत: उनकी याचिका खारिज की जाती है।

सुधीर और सुनील दोनों भाई हैं और धोखाधड़ी के आरोपों से घिरी गहनों की बिक्री संबंधी मूल रूप से केरल की कंपनी के मालिक हैं। दोनों ने 14 दिसंबर, 2019 को ठाणे अदालत में आत्मसमर्पण किया था। उन्हें बाद में शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था।

गहने बेचने वाली कंपनी ने पिछले साल दिवाली से कुछ दिन पहले ठाणे, पालघर, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में अपनी दुकानें बंद कर दी थीं, जिसके कारण उसकी स्वर्ण एवं सावधि जमा योजनाओं में निवेश करने वाले सैकड़ों लोगों का पैसा डूब गया था।

दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) एवं 34 (समान मंशा) सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और महाराष्ट्र वित्तीय प्रतिष्ठानों में जमाकर्ताओं के हित संरक्षण (एमपीआईडी) कानून एवं अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, ‘‘जांच अधिकारी की बात सुनने के बाद यह स्पष्ट है कि आरोपियों के खिलाफ एमपीआईडी कानून के तहत कुल 11 अपराध दर्ज किए गए हैं और 1,76,96,83,413 रुपए का (कथित) घोटाला हुआ।’’

उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है और 13,61,78,787 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की बात दर्ज है।

अदालत ने कहा कि जब इतनी बड़ी रकम की बात होती है और जब तक सभी निवेशकों के हित सुरक्षित नहीं होते, तब तक आरोपियों को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published.