पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की दिग्गज नेता सुषमा स्वराराज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया

पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की दिग्गज नेता सुषमा स्वराराज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. उनका निधन मंगलवार को रात में हुआ. बता दें कि मंगलवार को ही संसद में इतिहास बना और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल संसद में पास हो गया, जिससे धारा 370 हटाए जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया. सुषमा ने भी निधन के पहले यह ऐतिहासिक पल देखा और खुशी में ट्वीट किया जो उनका अंति ट्वीट था.

सुषमा स्वराज ने अपने अंतिम ट्वीट में कहा कि प्रधान मंत्री जी- आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी. वह जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने और राज्य को दो केन्द्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम से बेहद प्रसन्न थीं. इस ट्वीट के कुछ घंटों बाद ही उन्हें दिल का दौरा पड़ने से एम्स ले जाना पड़ा. उनके परिवार में पति स्वराज कौशल और बेटी बांसुरी हैं.

अस्पताल पहुंचे थे दिग्गज नेता
स्वराज के एम्स में भर्ती होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ,केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावडेकर सहित अनेक वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंचे.

भावुक हुए आडवाणी
लाल कृष्ण आडवाणी ने सुषमा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह मेरी बहुत करीबी सहयोगी थीं. उनके आकस्मिक निधन की खबर से बहुत दुखी हूं. भारतीय जनता पार्टी में उनके शुरुआती दिनों के वक्त से ही मैंने उनके साथ काम किया है. 1980 के दौर में जब मैं बीजेपी का अध्यक्ष था तब वह युवा कार्यकर्ता के तौर पर काम करती थीं. मैंने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था. गुजरते वक्त के साथ वह हमारी पार्टी की सबसे लोकप्रिय नेता बन गईं और महिला नेताओं के लिए तो वह रोल मॉडल थीं.

PM मोदी ने दी अंतिम विदाई
पीएम मोदी सुषमा स्वाराज को अंतिम विदाई देने उनके आवास पर पहुंचे. उनके परिवार से मिलते समय मोदी भावुक हो गए. धानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारतीय राजनीति के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया. मोदी ने ट्वीट किया कि भारतीय राजनीति में एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया. भारत एक असाधारण नेता के निधन से शोकसंतप्त है, जिन्होंने जनसेवा और निर्धनों के जीवन में सुधार के लिए अपना जीवन सर्मिपत कर दिया. सुषमा जी अपने आप में अलग थीं और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत थीं.

लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला
भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वाराज का 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था. स्वास्थ्य कारणों से ही उन्होंने इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था. सुषमा स्वराज दिल्ली की पूर्व सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुकीं थीं. अस्वस्थ्य होने के बाद भी वह सरकार के फैसले पर नजर रखती थीं और हौसला अफजाई करती रहती थीं. विदेश मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल बेहद शानदार रहा था.

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