जानिए संवैधानिक प्रक्रिया के बाद क्या होगा महाराष्ट का हाल!

संवैधानिक प्रक्रिया की कहें, तो अभी प्रोटेम स्पीकर चयन होगा। जो सभी विधायकों को शपथ दिलाएगा। शपथ लिए विधायकों से विधानसभा गठित होगी। गठित विधानसभा में विंभिन्न पार्टियां अपना सचेतक(व्हिप) और पार्लियामेंट्री लीडर नियुक्त कर अध्यक्ष को देंगी। इसके बाद ही विश्वास प्रस्ताव या स्थायी स्पीकर का चुनाव या कोई भी प्रस्ताव आएगा, वोटिंग होगी। नियमतः व्हिप, सचेतक जारी करता है, लीडर नही। सो अगर किसी को भ्रम हो कि अजित पवार कोई व्हिप जारी करेंगे, जो एनसीपी विधायकों पर बाध्य होगा, उल्लंघन करने पर उनकी सदस्यता चली जायेगी. ऐसे लोगो को जानकारी नही है। हालांकि ये संवेधानिक प्रक्रिया है। इसमे क्या तोड़ मरोड़ कर दिया जाए, आज की परिस्थितियों में कहना कठिन है। फिलहाल अति चतुराई में बेइज़्ज़ती का मार्ग खुल गया है। मगर नकटों की इज्जत क्या, बेइज़्ज़ती क्या? महाराष्ट्र विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल सुबह आएगा। यानी बीजेपी को 1 दिन का समय ओर दे दिया गया। विपक्षी दलों का राज्यपाल को पत्र- फ्लोर टेस्ट में फडणवीस के नाकाम होने के बाद सरकार गठन के लिए हमें बुलाएं।

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