महाराष्‍ट्र के उपमुख्‍यमंत्री अजीत पवार ने कहा – भाजपा-एनसीपी गठबंधन एक स्थिर सरकार देगी। शरद पवार ने इस बयान को झूठा और गुमराह करने वाला बताया

महाराष्‍ट्र में आज भी राजनीतिक गतिरोध जारी रहा और नवनियुक्‍त उप मुख्‍यमंत्री अजित पवार और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार के बीच वाकयुद्ध चलता रहा। राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने आज दावा किया कि कुल 54 विधायकों में से 50 विधायक श्री शरद पवार के साथ हैं और विधानसभा में विश्‍वास मत के दौरान भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ वोट करेंगे।

एक‍ दिन की चुप्‍पी के बाद श्री अजित पवार ने ट्वीट किया कि वे राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ हैं और श्री शरद पवार उनके नेता बने रहेंगे। धैर्य रखने की सलाह देते हुए श्री अजित पवार ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी- राष्‍ट्रवादी कांग्रेंस पार्टी की गठबंधन सरकार राज्‍य और इसके लोगों के लिए गंभीरता से काम करेगी।

इसके तुरंत बाद श्री शरद पवार ने अपने भतीजे के बयान को खारिज करते हुए इसे झूठा और गुमराह करने वाला बताया। उन्‍होंने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस और शिवसेना के साथ मिलकर सरकार का गठन करेगी।

दूसरी ओर श्री शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने अपने विधायकों के साथ कई बैठकें कीं और उनको बेहतर भविष्‍य का भरोसा दिलाया। भाजपा नेता और मुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फड़णवीस अपने विधायकों से मिले और विश्‍वास मत हासिल करने की रणनीति को अंतिम रूप दिया। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अशोक चव्‍हाण ने कहा कि भाजपा उच्‍चतम न्‍यायालय में और ज्‍यादा समय लेने का प्रयास कर रही है जिससे विधायकों को अपने पक्ष में किया जा सके।

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