मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्वस्थ होने तक अपनी जिम्मेदारियां किसी और को सौंप देनी चाहिए: भाजपा

मुंबई : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष एवं विधायक चंद्रकांता पाटिल ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को स्वस्थ होने तक अपनी जिम्मेदारियां किसी और को सौंप देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उनकी अनुपस्थिति ‘‘अनुचित’’ है।

पाटिल ने बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले विधान भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए यह बयान दिया।

पाटिल ने कहा, ‘‘ यदि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र विधासभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने में असमर्थ हैं, तो उन्हें अपने कार्यों के लिए किसी को नामित करना चाहिए। यह अनुचित है कि मुख्यमंत्री विधायिका की कार्यवाही से अनुपस्थित रहें। हम सत्र से मुख्यमंत्री की पूर्ण अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे।’’

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने स्वास्थ्य को देखते हुए, शिवसेना या उनके परिवार में से किसी और को अपना प्रभार सौंप देना चाहिए।

सत्तारूढ़ सहयोगियों पर कटाक्ष करते हुए, पाटिल ने कहा, ‘‘ उन्हें, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पर भरोसा नहीं है, क्योंकि वे पद नहीं छोड़ सकते। वह अपने बेटे एवं राज्य मंत्री आदित्य ठाकरे को कार्यभार सौंप सकते हैं।’’

महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है।

राज्य के जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल ने हालांकि, कहा कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने विधायिका की कार्यवाही के लिए तैयारी कर ली है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तबीयत ठीक है और वह कभी भी विधानसभा आ सकते हैं। किसी और को कार्यभार सौंपने की जरूरत नहीं है। वह घर से ही काम कर रहे हैं।’’

शिवसेना अध्यक्ष ठाकरे (61) की हाल ही में गर्दन की हड्डी की सर्जरी हुई थी, जिसके लिए वह तीन सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद से ठाकरे अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ से काम कर रहे हैं और मंत्रिमंडल की सभी बैठकों में ऑनलाइन हिस्सा ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधान भवन का दौरा भी किया था। तब सर्जरी के बाद वह पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए थे।

ठाकरे ने मंगलवार को, वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मंत्रिमंडल की बैठक की और शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर विधायकों की चाय पार्टी में शामिल हुए।

इस बीच, सत्र शुरू होने से पहले, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधान भवन में सत्तारूढ़ एमवीए के विधायकों को संबोधित किया। एमवीए नेताओं ने विधान भवन परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।

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