एसीपी संजय पाटिल की चांदीवाल आयोग के सामने गवाही

महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के पत्र में उल्लेखित सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के एक अधिकारी ने यहां बुधवार को एक जांच आयोग से कहा कि सचिन वझे एक आज्ञाकारी और बहुत अच्छा काम करने वाले अधिकारी हैं। सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में दावा किया था कि एसीपी संजय पाटिल उन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें देशमुख ने बार और रेस्तरां से धन की उगाही करने कहा था।

आरोपों की जांच कर रहे न्यायमूर्ति के. यू. चांदीवाल आयोग के समक्ष अपनी गवाही देते हुए एसीपी पाटिल ने यह भी कहा कि उन्होंने वझे के वरिष्ठों की ओर से उनके बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं सुनी थी। पाटिल ने यह जानकारी होने से भी इनकार किया कि वझे या उनके तहत किसी अन्य मातहत पुलिस अधिकारी देशमुख द्वारा कथित जबरन वसूली की मांग किये जाने पर चर्चा के लिए कोई बैठक बुलाई थी।

पाटिल ने वझे के साथ जिरह के दौरान ये बयान दिए। उन्होंने कहा कि मुंबई अपराध शाखा के अधिकारियों के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप है। उन्होंने कहा, ‘मैंने सचिन वझे के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं देखी। यह कहा जा सकता है कि सचिन वझे बहुत अच्छा काम करने वाले और आज्ञाकारी अधिकारी हैं जैसा कि व्हाट्सऐप ग्रुप में प्रदर्शित

उल्लेखनीय है कि वझे, उद्योगपति मुकेश अंबानी के यहां स्थित आवास के बाहर फरवरी 2021 में एक संदिग्ध वाहन खड़ा पाए जाने के मामले और इसके ठीक बाद उक्त वाहन के मालिक एवं कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी हैं। वाहन में जिलेटिन की कुछ छड़ें

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