मुंबई में चिड़ियाघर बनाने के फैसले के विरोध में उतरे आदिवासी जमकर विरोध प्रदर्शन किया और मोर्चा निकाला

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुंबई के आरे कॉलोनी में चिडिय़ाघर बनाने का फैसला अब उल्टा पड़ता दिख रहा है। रविवार को आरे कॉलोनी में रहने वाले आदिवासियों ने राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और मोर्चा निकाला। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस चिडिय़ाघर को बनाने का इरादा छोड़ दें। बता दें कि राज्य सरकार ने बीएमसी के साथ मिलकर आरे कॉलोनी की 120 एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय चिडिय़ाघर बनाने का करार किया है। कुल 500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस चिडिय़ाघर में रिसर्च और प्रजनन केंद्र पर भी काम किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा बनाए जाने वाले इस चिडिय़ाघर के विरोध में पर्यावरण प्रेमी भी हैं। उनका कहना है कि इलाके में स्वछंद रूप से कई प्राणी रहते हैं ऐसे में उनके लिए जंगल को काटकर चिडिय़ाघर बनाने का कोई मतलब नहीं बनता है। चिडिय़ाघर के विरोध में निकाले गए मोर्चे में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं, बच्चों और पुरुषों ने हिस्सा लिया। इन लोगों का कहना है कि वह आरे कॉलोनी डेरी बनने के पहले से ही जंगल में रहते आये हैं। यहीं हम खेती करते हैं अब हमें बेघर किया जा रहा है। यह सही नहीं है। और हम इसके विरोध में जो कुछ करना होगा हम करेंगे।