एनसीबी के मुंबई कार्यालय पहुंचे वसूली के आरोपों की सतर्कता जांच के लिए डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह

Rokthok Lekhani

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मुंबई : स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के उत्तरी क्षेत्र के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह क्रूज़ पर मादक पदार्थ मामले में आरोपी आर्यन खान को छोड़ने के लिए एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों द्वारा वसूली के आरोपों की सतर्कता जांच के लिए बुधवार को एजेंसी के शहर स्थित कार्यालय पहुंचे।

सिंह, दोपहर 12 बज कर करीब 45 मिनट पर दक्षिण मुंबई में बलार्ड एस्टेट स्थित एनसीबी के कार्यालय पहुंचे।

एनसीबी ने मामले में स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल के दावों की सतर्कता जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने दावा किया था कि क्रूज़ जहाज छापेमारी मामले में आरोपी आर्यन खान को छोड़ने के लिए एनसीबी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक सीमर वानखेड़े सहित एजेंसी के कुछ अधिकारियों ने 25 करोड़ रुपये मांगे थे।

ज्ञानेश्वर सिंह इन आरोपों की जांच करेंगे। सिंह, संघीय मादक पदार्थ रोधी एजेंसी के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) भी हैं।

सिंह के यहां पहुंचने पर एनसीबी कार्यालय के बाहर मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लग गया था। वाहन से उतरते समय सिंह ने कहा कि वह पत्रकारों से बाद में बात करेंगे।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह वानखेड़े का बयान बुधवार को ही दर्ज करेंगे या नहीं। सिंह, एनसीबी के चार अन्य अधिकारियों के साथ दिल्ली से सुबह मुबई पहुंचे थे।

क्रूज़ पोत पर मादक पदार्थ मामले की जांच की अगुवाई कर रहे वानखेड़े मंगलवार को दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय गए थे, जहां वह दो घंटे से अधिक समय तक रुके।

सूत्रों ने पहले कहा था कि जांच में, इस मामले में एनसीबी के एक अन्य स्वतंत्र गवाह के पी गोसावी के छापेमारी के बाद आर्यन खान के करीब होने और तीन अक्टूबर को मुंबई में अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल से गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को हिरासत में सौंपने के दौरान अधिकारियों द्वारा अपनाई गई प्रक्रियाओं पर भी गौर किया जाएगा।

सोशल मीडिया और कई समाचार मंचों पर गोसावी की आर्यन खान के साथ की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे।।

उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी अधिकारियों तथा गवाहों की भूमिका की जांच की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि क्या उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम में राष्ट्रीय स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून में उल्लिखित एनसीबी नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया था या नहीं।

वानखेड़े ने रविवार को मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागरले को पत्र लिख कर उनके खिलाफ कुछ अज्ञात लोगों द्वारा संभावित कानूनी कार्रवाई की योजना बनाये जाने से संरक्षण की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वे लोग उन्हें फंसाना चाहते हैं। हालांकि, वानखड़े को वसूली संबंधी स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल द्वारा किये गये सनसनीखेज दावे पर एक हलफनामे के सिलसिले में सोमवार को कोई राहत नहीं मिल पाई थी। एक विशेष अदालत ने कहा है कि वह दस्तावेजों को संज्ञान में लेने से अदालतों को रोकने का आदेश जारी नहीं कर सकती।

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