मुंबई-नवी मुंबई के बीच की दूरी घट जाएगी ,देश के सबसे बड़े समुद्री पुल का पहला चरण लॉन्च

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को देश के सबसे लंबे समुद्री पुल मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के पहले चरण को लॉन्च किया। अधिकारियों ने बताया कि ठाकरे ने पुल के पहले गाटर (शहतीर) को रखा, जोकि एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ठाकरे ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डवलपमेंट अथॉरिटी (एमटीएचएल) के शीर्ष अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ शिवड़ी में एमटीएचएल पुल को लॉन्च किया। 1000 टन वजन वाले गाटर को 1400 टन लॉन्चिंग गाटर द्वारा स्थापित किया गया।

मुंबई के पूर्वी तट से अरब सागर से होकर गुजरने वाला दूसरा सडक़ संपर्क एमटीएचएल मुख्य भूमि को शिवड़ी और चिरले से जोड़ेगा। इस पुल के 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बनने के बाद मुंबई और नवी मुंबई के बीच महज 30 मिनट की दूरी रह जाएगी, जिसके लिए फिलहाल करीब 100 मिनट लगते हैं।

इस पुल के बनने में लगभग 14260 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान है। यह जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से प्राप्त ऋण द्वारा बनाया जा रहा है। यहां पर वाहनों की आवाजाही के लिए छह लेन बनाई जाएगी, जिसके साथ ही दो आपातकालीन लेन भी होगी। पुल की कुल चौड़ाई 27 मीटर होगी और इसके शुरू होने के बाद यहां से रोजाना 70000 से अधिक वाहनों के गुजरने की उम्मीद है।

यह पुल 22 किमी लंबा होगा, जिसमें से 16.5 किमी समुद्र के ऊपर होगा। इसके दोनों तरफ इंटरचेंज होंगे, जिससे यह भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल बन जाएगा। एमटीएचएल नवी मुंबई में खुलने वाले नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-गोवा राजमार्ग से जुड़ा होगा और उत्तर महाराष्ट्र व दक्षिण भारत में तेजी से पहुंच प्रदान करेगा।

इस पुल की कल्पना 45 साल पहले की गई थी। इस परियोजना को 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मंजूरी दी थी और सभी मंजूरी हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में इसकी आधारशिला रखी थी।

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