मुंबई के सेशन कोर्ट के अंदर रिश्वत लेते पकड़ा गया सरकारी वकील

मुंबई के काला घोड़ा स्थित सत्र अदालत में रिश्वत लेने के आरोप में एक सरकारी वकील को अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया। मुंबई के बांद्रा के रहने वाले सुल्तान मंसूरी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को मंगेश (आरोपी) ने उनसे भूमि विवाद मामले में सरकार की मुहर लगाने के आरोपों से बरी करवाने के लिए कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की थी।

दरअसल व्यवसायी (सुल्तान मंसूरी) बांद्रा में एक जमीन जिसकी कीमत लगभग 60 से 70 करोड़ रुपये है। 2002 में उसके मकान मालिक के लापता होने के बाद उसने और अन्य कुछ व्यक्तियों ने जमीन पर कब्जा कर लिया। बता दें कि वे 20 से 25 साल से वहीं रह रहे हैं। इसी दौरान कुछ समय पहले मकान मालिक की बहन ने उस जमीन पर अपना दावा किया था और किरायेदारों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की थी। जिसमें उन्होने कहा कि किरायेदारों के पास मौजूद दस्तावेज नकली थे।

मंसूरी ने कहा कि दूसरे कोर्ट रूम को संभालते हुए उन्होंने हमारे मामले में विशेष रुचि ली और ट्रायल के लिए भी उपस्थित हुए। पहले, मुझे लगा कि जांच अधिकारी ने रिश्वत की मांग की है। साथ ही एडवोकेट प्रशांत पांडे जो की मंसूरी का प्रतिनिधित्व करते हैं ने कहा ‘मुझे यह जानकर धक्का लगा कि यह अतिरिक्त सरकारी वकील था।’

उन्होने पहली बार मंसूरी को विवाद से बरी करने के लिए कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग करने के बाद अपनी मांग को घटाकर 5 लाख रुपये तक कर दिया था। उसके साथ ही गुरुवार को उन्होंने मंसूरी को 50,000 रुपये अदालत में लाने के लिए कहा था।

मंसूरी ने कहा ‘मैंने उनको अदालत कक्ष से बाहर आने के लिए कहा था, लेकिन उसने मुझे अंदर ही मिलने को कहा। मैं उसके बगल में बैठ गया और उसने पूछा कि क्या मुझे पैसा मिला है। इस पर मैने जवाब दिया कि हाँ मिल गया है। इसके बाद मैंने उसे पैसे दे दिए और उसके बाद पुलिस को इस बारे में संकेत दिया जो की अदालत के बाहर पहले से इंतजार कर रहे थे। और फिर उन्होंने उसे गिरफ्तार कर लिया।