हंसा रिसर्च की होल्डिंग कंपनी ने टीवी चैनलों के साथ वाणिज्यिक हितों संबंधी सूचना छिपाई: मुंबई पुलिस

मुंबई की एक अदालत में कथित टीआरपी घोटाला मामले में मंगलवार को दायर पुलिस के आरोप पत्र में कहा गया है कि हंसा रिसर्च की होल्डिंग कंपनी के विभिन्न टीवी चैनलों के साथ वाणिज्यिक हित हैं, लेकिन उसने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के साथ यह सूचना साझा नहीं की।

कथित टीआरपी घोटाले की जांच कर रही मुंबई अपराध शाखा के विशेष जांच दल ने मजिस्ट्रेट की अदालत में 1,400 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया। दस्तावेजों में कहा गया है कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि हंसा रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड की नियंत्रक कंपनी हंसा विजन प्राइवेट लिमिटेड के विभिन्न टीवी चैनलों के साथ वाणिज्यिक हित हैं, लेकिन उसने बार्क को यह जानकारी नहीं दी।

कथित टीआरपी घोटाला पिछले महीने तब सामने आया था, जब रेटिंग एजेंसी बार्क ने ‘हंसा रिसर्च ग्रुप’ के जरिए यह शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी के आंकड़ों में हेरफेर कर रहे हैं। ‘व्यूअरशिप डेटा’ (कितने दर्शक कौन सा चैनल देख रहे हैं और कितने समय तक देख रहे हैं) दर्ज करने के लिए मापक यंत्र लगाने की जिम्मेदारी ‘हंसा’ को दी गई थी। टीआरपी काफी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इस पर चैनलों का विज्ञापन राजस्व निर्भर करता है।