दिग्गज वकील व पूर्व केंद्रीयमंत्री राम जेठमलानी का निधन

एम.आई.आलम

देश के जाने माने वकील या यों कहें कि कानून की पूरी चलती फिरती यूनिवर्सिटी राम जेठमलानी का आज अपने दिल्ली स्थित घर पर निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।
मात्र 17 साल की उम्र में अपने जीवन का पहला केस लड़ने वाले राम जेठमलानी केवल एक वरिष्ठ वकील ही नही रहे बल्कि देश के कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी। वह उत्तर पश्चिम मुम्बई से दो बार लोकसभा सांसद थे तो राज्यसभा में भी लंबे समय तक रहे। वर्तमान में भी वह आरजेडी कोटे से सांसद हैं।
78 वर्षीय वकालत के कार्यकाल में राम जेठमलानी ने अनेक विवादास्पद फैसलों की पैरवी की। जिसमे इंदिरा गांधी,राजीव गांधी के हत्यारों के अलावा संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पैरवी भी शामिल है। इसके अलावा हवाला कांड में लाल कृष्ण आडवाणी का बचाव, शेयर घोटाले में हर्षद मेहता का बचाव, जेसिका लाल हत्याकांड में मनु शर्मा का बचाव, सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह का बचाव, 2 जी घोटाले में कनिमोझी का बचाव, यौन शोषण मामले में आसाराम बापू के बचाव, अरुण जेटली मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल का बचाव शामिल है। कोर्ट में इन हाई प्रोफाइल आरोपियों के बचाव में उतरने के कारण वह हमेशा विवादों में भी रहे। हालांकि उनका तर्क था कि एक वकील के नाते किसी भी आरोपी का कोर्ट में पक्ष रखना उनका काम है। इसीलिए वह देश के सबसे ज़्यादा फीस लेने वाले वकील रहे। राम जेठमलानी के बेटे महेश जेठमलानी भी देश के जाने माने वकील है।
जेठमलानी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कानून मंत्री थे। राम जेठमलानी का जन्म 14 सितंबर 1923 को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित शिकारपुर में हुआ था। इनका पूरा नाम राम बूलचंद जेठमलानी था। जेठमलानी ने ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में कई बड़े केस लड़े थे और अपना लोहा मनवाया था। पूर्व कानून मंत्री जेठमलानी का पहला सबसे चर्चित केस 1959 में आया, जब वे केएम नानावती बनाम महाराष्ट्र राज्य केस में वकील थे।

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