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एनआईए ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया

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मुंबई : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ‘एंटीलिया’ के सामने वाहन में विस्फोटक रखने और व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में कथित संलिप्तता के लिए पूर्व ‘‘मुठभेड़ विशेषज्ञ’’ पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को मुंबई में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

शर्मा पुलिस विभाग के पांचवें व्यक्ति होंगे जिन्हें एनआईए ने इस मामले में गिरफ्तार किया है। मामले में अभी तक दस लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एनआईए की टीम ने शर्मा को बुधवार की देर रात मुंबई के नजदीक लोनावाला के अंबे वैली से पकड़ा और उन्हें पूछताछ के लिए दक्षिण मुंबई स्थित एजेंसी के कार्यालय में लाया गया।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘एनआईए ने मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) में जे बी नगर स्थित उनके आवास पर सुबह छह बजे छापेमारी भी की और अभियान कई घंटे तक चला। अधिकारियों ने उनके आवास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए।’’

उन्होंने कहा कि कुछ घंटे तक पूछताछ के बाद एनआईए ने बृहस्पतिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि एनआईए ने मामले के सिलसिले में मुंबई के मलाड से सतीश उर्फ तन्नी भाई उर्फ विक्की बाबा और मनीष सोनी को भी गिरफ्तार किया है। उन्हें यहां विशेष अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें 28 जून तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने 11 जून को उपनगर मलाड से संतोष शेलार और आनंद जाधव को लातूर से गिरफ्तार किया था और उनसे पूछताछ के आधार पर शर्मा की संलिप्तता सामने आई थी।

सूत्रों ने कहा कि दोनों को हिरन हत्या मामले में भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि शेलार झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास प्राधिकरण परियोजना में है और शर्मा से उसके संबंध थे।

मामले में शर्मा का नाम आने के बाद एनआईए ने करीब दो महीने पहले उनसे अपने कार्यालय में दो दिनों तक पूछताछ की थी। एजेंसी पहले पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, रियाजुद्दीन काजी, सुनील माने को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। एजेंसी ने पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे को भी इस सिलसिले में क्रिकेट सटोरिया नरेश गोर के साथ गिरफ्तार किया था।

सूत्रों ने बताया कि शर्मा ने वाजे को मामले में साक्ष्य मिटाने में कथित तौर पर सहयोग किया था। उन्होंने कहा कि वह षड्यंत्र करने एवं योजना बनाने में संलिप्त थे, साथ ही अपने आदमियों के सहयोग से उन्होंने हिरन की हत्या को भी अंजाम दिया।

इस वर्ष 25 फरवरी को दक्षिण मुंबई में अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटकों से लदा एक एसयूवी खड़ा पाया गया था। ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरन ने दावा किया था कि वाहन उनका था, जो पांच मार्च को मुंब्रा क्रीक के पास मृत पाए गए थे।

शर्मा ठाणे पुलिस में फिरौती रोधी प्रकोष्ठ में तैनात थे और 2019 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। शर्मा 1983 बैच के पुलिस अधिकारी थे और पुलिस बल में सेवा के दौरान उन्होंने 100 से अधिक अपराधियों को ‘‘मुठभेड़’’ में मारा था। बहरहाल, अंडरवर्ल्ड से संबंधों के आरोप में अगस्त 2008 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। महाराष्ट्र प्रशासनिक अधिकरण (एमएटी) के आदेश के बाद मई 2009 में उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया।

शर्मा को 2006 में वर्सोवा में लखन भैया कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 2010 में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने इस मामले में लगभग चार वर्ष जेल में बिताए और जुलाई 2013 में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। 2017 में उन्हें फिर से पुलिस बल में शामिल कर लिया गया, लेकिन दो वर्ष बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उन्होंने नालासोपारा से शिवसेना के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गए।

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