महाराष्ट्र राज्य सरकार के लिए लाउडस्पीकर लगाने या हटाने का कोई प्रावधान नहीं : दिलीप वालसे पाटिल


मुंबई : महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार के लिए लाउडस्पीकर लगाने या हटाने का कोई प्रावधान नहीं है। वह इस मुद्दे पर बुलायी गयी एक सर्वदलीय बैठक के बाद बोल रहे थे।

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बैठक का बहिष्कार किया।

पाटिल ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना या उसके प्रमुख राज ठाकरे का नाम लिए बिना कहा, ‘कुछ राजनीतिक दल लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर नियमन की मांग कर रहे हैं और इसके लिए एक समय सीमा तय कर दी है।’

राज ठाकरे ने राज्य सरकार को तीन मई तक मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकर हटाने का ‘अल्टीमेटम’ दिया है।

पाटिल ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में यह फैसला किया गया कि सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए और उसी के अनुरूप काम करे। उच्चतम न्यायालय ने 2005 में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल के संबंध में फैसला सुनाया था। इसके बाद कई अन्य अदालतों ने भी इस संबंध में निर्णय दिए हैं।

उन्होंने कहा कि “तदनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने लाउडस्पीकरों के उपयोग और समय व ‘डेसिबल’ सीमा आदि को लेकर 2015-17 के बीच कुछ जीआर (सरकारी प्रस्ताव) और परिपत्र जारी किया। इसके आधार पर ही राज्य में लाउडस्पीकरों का प्रयोग किया जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि सरकार लाउडस्पीकर लगाने या हटाने का फैसला कर सकती है। जिन लोगों ने लाउडस्पीकर लगाए हैं, जो लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें नियमों का ध्यान रखना होगा।’