महाराष्ट्र में कांग्रेस का शिवसेना को समर्थन पर सस्पेंस बरकरार

महाराष्ट्र में कांग्रेस का शिवसेना को समर्थन देने पर सोमवार को सस्पेंस बरकरार रहा। पार्टी इस मुद्दे पर मंगलवार को फिर बैठक करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के वास्ते शिवसेना को समर्थन देने पर फैसला करने के लिए सोमवार की शाम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। राज्य में सरकार गठन के लिए शिवसेना को समर्थन देना है या नहीं, इस संबंध में फैसला करने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण और सुशील कुमार शिंदे के साथ-साथ पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख बालासाहेब थरोट ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।

इससे पूर्व कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सभी वरिष्ठ सदस्यों ने गांधी के आवास पर सुबह मुलाकात की थी। हालांकि बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका था और पार्टी नेतृत्व ने शाम चार बजे फिर से बैठक करने का निर्णय लिया था। पार्टी के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, के सी वेणुगोपाल ने शाम की बैठक में भाग लिया।

महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में शिवसेना के पास 56 सीटें हैं जबकि राकांपा और कांग्रेस के पास क्रमश: 54 और 44 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने को इच्छुक किसी भी दल या गठबंधन को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को सरकार गठन के लिए दावा पेश करने की खातिर सोमवार (11 नवंबर) शाम साढ़े सात बजे तक का समय दिया था, जो कि अब खत्म हो गया है। कोश्यारी ने रविवार को शिवसेना को सरकार गठन करने का दावा पेश करने के लिए अपनी इच्छा और सामर्थ्य का संकेत देने के लिए बुलाया था। उससे पहले 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा ने राज्य में सरकार गठन के लिए दावा पेश नहीं करने का फैसला किया था।

(इनपुट एजेंसी से भी)

Leave a Reply

Your email address will not be published.