नितेश राणे के सिर पर गिरफ्तारी की तलवार

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे और बीजेपी विधायक नितेश राणे के खिलाफ गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। 12 दिनों पहले महाराष्ट्र के कंकावली में संतोष परब नाम के शख्स पर चार अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की तो हमले के तार बीजेपी नेता नारायण राणे के बेटे नितेश राणे तक जा पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने राणे के खिलाफ समन भी जारी किया था। इसके बावजूद वे अभी तक पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं, जिसके बाद बुधवार को कंकावली पुलिस की एक टीम राणे के घर पहुंची और पेशी का नोटिस घर के बाहर चिपका कर चली गई।

यह पूरा मामला सिंधुदुर्ग जिला बैंक चुनाव से जुड़ा हुआ है। सिंधुदुर्ग जिला बैंक की 19 सीटों पर कुछ दिनों बाद चुनाव होने हैं, जिसमें कभी नारायण राणे के बेहद करीब रहे सतीश सावंत अब उनके बेटे यानी नितेश राणे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। सतीश सावंत के चुनाव प्रचार का काम संतोष परब देख रहे थे और 18 दिसंबर को कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था।

गिरफ्तारी की तलवार लटका देख नितेश राणे ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए अर्जी लगाई है। सिंधुदुर्ग कोर्ट में इस पर सुनवाई जारी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनके पास पुख्ता सबूत है कि हमला करने के पीछे नितेश राणे प्रमुख तौर पर हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। फिलहाल नितेश राणे कहां हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
इस बीच महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर आदित्य ठाकरे को चिढ़ाने को लेकर भी नितेश राणे विवादों में हैं। आरोप है कि मंगलवार को राणे जब विधान भवन परिसर में बैठे थे, तब उन्होंने भवन के भीतर जा रहे ठाकरे को देखकर ‘म्याऊं’ की आवाज निकाली। इसके बाद सदन में खूब हंगामा हुआ और राणे के निलंबन की मांग की गई। महाविकास अघाड़ी के लगभग सभी सदस्य इस पर एकमत दिखे कि नेताओं के विरुद्ध अभद्र आचरण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन राणे ने अपने बर्ताव को सही ठहराया और कहा कि वह ऐसा करते रहेंगे।
भाजपा की ओर से नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने भी राणे से किनारा करते हुए कहा कि नितेश ने अगर गलती की है तो उसका हम समर्थन नहीं करते, लेकिन सदन के अंदर का यह वाकया नहीं है और ना ही उन्होंने आदित्य ठाकरे का नाम लेकर कोई टिप्पणी की है।

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