उन्नाव में हैवानियत का शिकार हुई पीड़िता के आखिरी बोल- मुझे मरने न देना भाई

उन्नाव में हैवानियत का शिकार हुई युवती सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गई। उसे सांस लेने में दिक्कत के बाद रक्तचाप भी काफी कम हो गया था। अस्पताल के डॉक्टर देरशाम तक उसकी हालत चिंताजनक बताते रहे। शुक्रवार रात 11:40 मिनट पर उसने दम तोड़ दिया। युवती की मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध रह गया।

देरशाम सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग के अध्यक्ष डॉ. शलभ कुमार ने बताया था कि पीड़िता आईसीयू में वेंटिलेटर पर है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसका चेहरा काफी जला हुआ है। सांस की नली भी जल चुकी है जिससे सांस लेने में दिक्कत आ रही है। पहली प्राथमिकता उसकी हालत स्थिर करने की है पर उसका शरीर सपोर्ट नहीं कर रहा है। उधर, देररात डॉक्टर ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता ने दम तोड़ दिया। हालांकि पूरा अस्पताल उसे बेहतर इलाज देने में जुटा हुआ है। उसके भाई ने बताया कि बहन ने दम तोड़ने से पहले उससे कहा था कि ‘भाई मुझे मरने मत देना’ पर वह जिंदगी की जंग हार गई।’

गुरुवार रात पीड़िता को एयर लिफ्ट कर लखनऊ से सफदरजंग अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था। पीड़िता के भाई ने बताया कि सारा चेहरा जल चुका था। उम्मीद नहीं है पर आशा लगा रखी थी कि मेरी बहन फिर से खड़ी होगी। मगर सब खत्म हो गया। उसने हत्यारों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।

अकेले करती रही पैरवी
आरोपित शिवम को सजा दिलाने के लिए पीड़िता अकेले ही पैरवी करती रही। बड़ी भाभी ने बताया कि वह कहती थी कि शिवम ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। अब वह उसे सजा दिलाकर ही दम लेगी। वह अक्सर पांच बजे भोर वाली पैसेंजर ट्रेन से रायबरेली जाती थी। पांच बहनों में सबसे छोटी पीड़िता पूरे हिम्मत के साथ दरिंदों का मुकाबला कर रही थी।

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