उत्‍तर प्रदेश और मध्‍य प्रदेश ने अन्‍य राज्‍यों में फंसे अपने कामगारों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन में कुछ रियायतों की घोषणा किए जाने को देखते हुए कुछ राज्‍य देश के विभिन्‍न भागों में फंसे अपने प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के उपाय कर रहे हैं। उत्‍तर प्रदेश और मध्‍य प्रदेश सरकारों ने विभिन्‍न राज्‍यों से अपने फंसे हुए मजदूरों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उत्‍तर प्रदेश सरकार ने भी राज्‍य के श्रमिकों को देश के विभिन्‍न भागों से वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की है। एक वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, पहले चरण में 2 हजार 2 सौ 24 श्रमिकों की वापसी सुनिश्चित की जाएगी। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अन्‍य राज्‍यों से उत्‍तर प्रदेश के श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाने के बारे में निर्देश जारी किए हैं। राज्‍य के गृह और सूचना विभाग के अपर मुख्‍य सचिव अवनीश अवस्‍थी ने कहा कि कल हरियाणा से 82 बसों में श्रमिकों का पहला बैच राज्‍य में पहुंचा। उन्‍होंने कहा कि आज 11 हजार श्रमिकों की वापसी होगी।

मध्‍य प्रदेश में अन्‍य राज्‍यों में फंसे श्रमिकों की वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी तरह, मध्‍य प्रदेश में फंसे अन्य राज्‍यों के श्रमिकों को भी वापस भेजा रहा है।

राजस्‍थान में जयपुर और अन्‍य शहरों में काम कर रहे मध्‍य प्रदेश के श्रमिकों की वापसी शुरू हो गई है। गुजरात से मध्‍य प्रदेश के 24 सौ मजदूर 98 बसों से राज्‍य के लिए रवाना हो गए हैं। अन्‍य राज्‍यों से भी श्रमिकों की शीघ्र वापसी होगी। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार ने बसों के जरिये अन्‍य राज्‍यों से श्रमिकों की वापसी का काम शुरू किया है। राज्‍य सरकार उत्‍तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्‍ट्र और राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्रियों के साथ पहले ही बातचीत कर चुकी है।

राजस्‍थान में, राज्‍य सरकार ने विभिन्‍न राज्‍यों से अपने प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। राज्‍य सरकार ने लॉकडाउन के कारण राज्‍य के विभिन्‍न जिलों में अस्‍थायी शेल्‍टरों में रह रहे अन्‍य राज्‍य के श्रमिकों और अन्‍य व्‍यक्तियों को उनके राज्‍य में वापस भेजने के प्रयासा भी शुरू किए हैं। इस काम को चरणबद्ध तरीके से निपटाने के बारे में विभिन्‍न राज्‍यों के बीच आपसी सहमति कायम की जा रही है।

असम में विभिन्‍न इलाकों में फंसे छह हजार लोगों के लिए आज राज्‍य में लंबी दूरी की दो सौ बसें चलाई जा रही हैं। बसों के संचालन में परस्‍पर सुरक्षित दूरी के मानदंडों का पालन किया जा रहा है। कल राज्‍य सरकार ने लगभग पांच हजार पंजीकृत यात्रियों के लिए अठारह जिलों में तीन सौ 23 बसें चलाई थीं। राज्‍य में तीन दिन के लिए अंतर-जिला आवाजाही की अनुमति दी गई है। राज्‍य सरकार ने कोटा में फंसे असम के विद्यार्थियों को वापस लाने के लिए भी बस सेवा उपलब्‍ध कराई है।

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