JNU में छात्र संगठनों में हिंसक झड़प

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में रविवार शाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेताओं और वामपंथी छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष ऐशे घोष सहित कई अन्य विद्यार्थी बुरी तरह से घायल हो गए। वीडियो में घोष के शरीर से खून निकलता देखा जा सकता है। खबरों के अनुसार, लोहे की रोड से उसकी आंख पर हमला किया गया। प्राथमिक उपचार के लिए उसे पास के अस्पताल ले जाया गया है।

महासचिव सतीश चंद्र भी इस दौरान घायल हो गए और कथित तौर पर कुछ शिक्षकों पर भी हमला किया गया। घटनास्थल से मिली खबरों के अनुसार, मुनिरका इलाके से बाहरी लोगों की भीड़, लाठियों डंडों के साथ कैंपस में दाखिल हुई थी। बदमाश अब कथित तौर पर फरार हो गए।

इससे पहले एबीवीपी के छात्र नेताओं ने कथित तौर पर आरोप लगया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पेरियार छात्रावास के छात्रों के साथ वामपंथी छात्रों ने मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

एबीवीपी की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश ने आईएएनएस से कहा, “करीब चार से पांच सौ वाम सदस्य पेरियार छात्रावास में इकट्ठा हुए, यहां तोड़फोड़ कर जबरन घुसपैठ की और अंदर बैठे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को पीटा।”

एबीवीपी ने दावा किया कि उसके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष जांगिड़ को बुरी तरह से घायल किया गया है और शायद मारपीट के बाद उसका हाथ टूट गया है।

दुर्गेश ने आगे कहा कि छात्रों पर पत्थर फेंके गए, जिसके चलते कुछ के सिरों पर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, “अंदर मौजूद छात्रों पर उन्होंने पत्थर और डंडे बरसाए।”

हालांकि, वामपंथी छात्रों के नेतृत्व वाले जेएनयूएसयू ने इस दावे को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि एबीवीपी और प्रशासन झूठी कहानी फैलाने में लगे हुए हैं।

जेएनयूएसयू के महासचिव सतीश चंद्र ने आईएएनएस से कहा, एबीवीपी और प्रशासन बढ़ी हुई फीस को लेकर छात्रों के प्रदर्शन को निशाना बना रहे हैं। यह और कुछ नहीं छात्रों और समाज को गुमराह करने के लिए लगाए जा रहे झूठे आरोप हैं। इस बीच दक्षिणपंथी संगठन एबीवीपी ने कहा है कि उन्होंने फैसला किया है कि जैसे ही घायल हुए उनके साथी प्राथमिक उपचार के बाद लौटेंगे वह इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।

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