फुटबॉलर मेहताब हुसैन का 24 घंटे में ही बीजेपी से हुआ मोहभंग, इस्तीफा दिया

ईस्ट बंगाल और मोहन बागान जैसे देश के प्रमुख फुटबॉल क्लब से खेल चुके मशहूर फुटबॉलर मेहताब हुसैन का बीजेपी से 24 घंटे में ही मोहभंग हो गया और उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. हुसैन ने अपना त्यागपत्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को भेज दिया है.

मेहताब ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा कि जब से उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की है, तब से उनके प्रशंसक फोन करके ताना मार रहे हैं. प्रशंसकों के सुझावों पर विचार करते हुए उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि जब से वह राजनीति में शामिल हुए हैं, उनके परिवार का कोई भी सदस्य खुश नहीं है.

हुसैन ने कहा कि मेरे लिए व्यक्तिगत हित से वृहत्तर हित ज्यादा महत्वपूर्ण है. वह एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक फुटबॉलर के रूप में यादों में रहना चाहते हैं. फुटबॉल का मैदान ज्यादा पसंद है, राजनीति का नहीं. उन्होंने कहा कि अचानक ही मैं राजनीति से जुड़ा था, लेकिन मुझे एहसास हुआ. उसके बाद मैंने खुद को पूरी तरह से राजनीति से अलग होने का निर्णय लिया है.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को खेल से संन्यास लेने के बाद फुटबॉलर मेहताब हुसैन प्रदेश बीजेपी कार्यालय में घोष की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए थे. घोष ने राज्य मुख्यालय में उन्हें सदस्यता दिलायी थी. 34 वर्षीय मेहताब हुसैन मूलत: कोलकाता के ही रहने वाले हैं.

वे फुटबॉल के मैदान में बतौर रक्षात्मक मिडफील्डर अपने खेल का लोहा मनवा चुके हैं. हुसैन 2005 से 2015 तक भारतीय फुटबॉल टीम से भी जुड़े रहे. उन्होंने 10 सीजन तक ईस्ट बंगाल के लिए फुटबॉल खेला है. इस दौरान ये टीम तीन बार फेडरेशन कप की चैंपियन बनी थी.