विकास दुबे की पत्नी ऋचा पहली बार मीडिया के सामने आई

कानपुर (Kanpur Encounter Case) के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey Case) का भी साम्राज्य तबाह कर दिया गया। विकास दुबे समेत उसके ज्यादातर करीबी गुर्गों को मार गिराया गया। 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे दुख जाहिर करती हैं। ऋचा का कहना है कि बतौर पति और पिता विकास बहुत अच्छा था लेकिन वह अपनी गलत आदतों से बाहर नहीं आ पा रहा था।

ऋचा कहती हैं, ‘मैं कतई नहीं चाहती थी कि मेरे बच्चे विकास जैसे बनें। मैंने उसको बहुत समझाया लेकिन उसने कभी भी मेरी बात नहीं सुनी। मैं अपने बच्चों को जरूर वहां मिलवाने ले जाती थी। मैं चाहती थी कि विकास के किसी भी कृत्य से मेरे बच्चे प्रभावित न हों।’ विकास से ऋचा की शादी 23 साल पहले हुई थी।

यह बात पूरी तरह से फेक है’

करोड़ों की दौलत के सवाल पर विकास दुबे की पत्नी ऋचा ने कहा, ‘ये सब झूठी खबरें हैं। यदि मेरे पास करोड़ों की दौलत होती तो मैं छोटे से घर में रहने के बजाए विदेश में रहती। मैं विकास दुबे के कृत्य पर उन सभी परिवारों से माफी मांगती हूं, जिन लोगों ने अपनों को खोया है।’ सीसीटीवी से बिकरू का घटनाक्रम देख रही थीं, इस सवाल पर विकास की पत्नी की कहना है, ‘सीसीटीवी 4 से 6 महीने पहले ही लगे थे। जब कैमरे लगे थे तो हमारे लिए यह नया अनुभव था। बाकी हम देख रहे थे, यह बात पूरी तरह से फेक है।’

‘…और विकास दुबे को कर दिया ढेर’

2-3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे की चप्पे-चप्पे पर तलाश की जा रही थी। विकास दुबे को पुलिस ने 9 जुलाई को उज्जैन से गिरफ्तार किया। इसके बाद विकास दुबे को 10 जुलाई को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा था। इस दौरान विकास दुबे का कानपुर के नजदीक एनकाउंटर कर दिया गया। बिकरू गांव हत्याकांड में पुलिस की संलिप्तता पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।

‘तब विकास का आखिरी कॉल आया’

ऋचा कहती हैं, ‘तकरीबन सुबह 2 बजे का वक्त था। मुझे विकास की कॉल आई। उसने मुझसे कहा कि लखनऊ स्थित घर से तुरंत निकलो क्योंकि बिकरू में कई लोगों की हत्या कर दी है। मैं तबतक भागती रही जबतक मुझे एक दोस्त के घर पर शरण नहीं मिल गई। विकास से वह आखिरी बातचीत थी मेरी। इसके बाद तो मुझे हर जानकारी मीडिया से ही मिली।’

‘1990…विकास से पहली मुलाकात’

ऋचा कहती हैं, ‘विकास के आपराधिक बैकग्राउंड की वजह से ही मैंने यह तय किया था कि मैं अपने बेटों के साथ कहीं और रहूंगी। फिर हमने 2004 में लखनऊ में एक घर बनवाया। वह चाहते थे बच्चे अच्छी पढ़ाई करें और अच्छी जिंदगी जिएं।’ ऋचा यादों को कुरेदते हुए कहती हैं, ‘वह विकास से पहली बार 1990 में मिली थीं। विकास दुबे मेरे मेरे भाई राजू निगम का बहुत अच्छा दोस्त था।’