साध्वी प्रज्ञा ने कहा- मेरे श्राप से हुई हेमंत करकरे की मौत

जमानत पर चल रही मालेगांव ब्लास्ट केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने अभी दो दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी जॉइन किया है। वो भोपाल से दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव भी लड़ रही हैं। साध्वी प्रज्ञा ने शुक्रवार को अपना चुनावी कैंपेन शुरू किया और पहले ही भाषण में उन्होंने आपत्तिजनक बयान दिया है।

साध्वी प्रज्ञा ने शुक्रवार को एक सभा में बोलते हुए कहा कि मुंबई के आतंकी हमले में हेमंत करकरे की मौत इसलिए हुई थी क्योंकि उन्होंने उन्हें श्राप दिया था। एंटी टेरर स्क्वाड के चीफ हेमंत करकरे की 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई हमले के दौरान आतंकियों से लड़ते हुए मौत हो गई थी। उन्हें भारत सरकार की ओर से मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। करके ही मालेगांव ब्लास्ट केस को लीड कर रहे थे।

साध्वी ने कहा कि करकरे ने उनपर असहनीय अत्याचार किए हैं। साध्वी ने बताया कि उन्हें 10 अक्टूबर 2008 को मुंबई पुलिस सूरत से पकड़कर मुंबई ले आई थी। यहां एटीएस ने उनपर अत्याचार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने करकरे से कहा था कि अगर उनके पास कोई सबूत नहीं है तो वो उन्हें जाने दें लेकिन करकरे ने कहा था कि वो कुछ भी करके सबूत निकाल लेंगे और साध्वी को नहीं छोड़ेंगे।

साध्वी ने बताया कि उन्होंने करकरे से कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगेगा। जिस दिन मैं गई थी, उस दिन उसके सूतक लग गया था और ठीक सवा महीने में जिस दिन आतंकवादियों ने उसे मारा, उसका अंत हो गया।

साध्वी प्रज्ञा ने जेल से निकलने के बाद कांग्रेस और एटीएस पर गंभीर साजिश और अत्याचार करने के आरोप लगाए हैं।

बता दें कि साल 2018 में हुए 26/11 मुंबई हमले में मारे गए 166 लोगों के अलावा आतंकियों की गोलियों से मुंबई एटीएस चीफ हेमंत करकरे, एसीपी अशोक कामटे और एनकाउंटर विशेषज्ञ विजय सालस्कर सहित 17 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे।

इधर साध्वी प्रज्ञा के विवादित बयान पर विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। हालांकि भोपाल से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वो बीजेपी उम्मीदवार को लेकर कुछ नहीं बोलने चाहते हैं।

वहीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के शहीद हेमंत करकरे पर दिए बयान की आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कड़ी निंदा की है।

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