बॉम्बे हाईकोर्ट में पेश हुए अंबोली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक 5 पुलिस वालों पर दर्ज होगा केस

आई.अमीन

मुंबई : पुलिस ज़्यादती के एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंबोली पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर गजानन सरगर समेत पांच पुलिस वालों पर फरयादी की शिकायत दर्ज न करने के लिए अंबोली पुलिस ठाणे के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को आड़े हाथों लिया । पीआई के अलावा इस मामले में एक पीएसआई सोनटक्के और तीन पुलिस सिपाही शामिल हैं।
जघटना के बारे में जानकारी मिली है कि पिछले साल 14 दिसम्बर को सुबह 10 और 11 बजे के बीच अंबोली पुलिस ठाणे अंतर्गत एस वी रोड पर नाकाबंदी में अंधेरी पश्चिम निवासी समीर शेख को पुलिस ने रोका। लाइसेंस न होने के मामले में ड्यूटी पर मौजूद पुलिस वालों ने समीर को अपशब्द कहे। समीर ने पुलिस से कहा कि उसके पास लाइसेंस नही है तो उसे फाइन मारें अपशब्द न कहे वहां पर मौजूद पुलिस वालों को समीर की बात बुरी लगी और उन्होंने समीर को ले जाकर पास में ही स्थित बीट चौकी में बैठा दिया कुछ समय के बाद बीट चौकी पर उस समय ड्यूटी पर मौजूद पी आई सरगर कुछ अन्य पुलिस वालों के साथ पहुंचे और उसे मारने पीटने लगे। पुलिस द्वारा मारने से समीर शेख की नाक की हडडी फ्रेक्चर हो गई। उसके गुप्तांग पर भी गंभीर चोटें आयी। पुलिस ने समीर पर धारा 353,332,506,34,के तहत केस दर्ज कर दिया।
अपने खिलाफ दर्ज किये गये केस में गिरफतारी से बचने के लिये समीर शेख ने कोर्ट का रुख किया जहां से उन्हें अग्रिम जमानत मिल गयी।
समीर ने पुलिस ज़्यादती के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट पिटीशन 997/2019 दायर की। हाईकोर्ट ने पुरे मामले को सुनते हुए और समीर द्वारा दिये गये मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंबोली ठाणे के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को तलब किया। हाईकोर्ट के समक्ष अंबोली सीनियर रमेश खड़तरे 11 सितम्बर को पेश हुए। जहां उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर गजानन सरगर, पुलिस सब इंस्पेक्टर सोनटक्के, सिपाही शरद सानप, महिला सिपाही संगीता कांबले,सिपाही सागर कोडविलकर के खिलाफ समीर शेख की ओर से केस दर्ज करने की ज़िम्मेदारी ली।
समीर शेख की ओर से हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे वकील प्रशांत अहिरे ने बताया कि न्यायमूर्ति श्री रंजीत मोरे और न्यायमर्ति श्री एन.जे. जमादार की बेंच ने इस पूरे मामले को का निपटारा किया।

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