मुंबई पुलिस पे जूठे आरोप लगाने वाली महिला को किया गिरफ्तार

मनोज दुबे

मुंबई :पुलिस पे जुठे आरोप लगाकर उनकी बदनामी करने वाली सलमा पटेल(बदला हुवा नाम) उर्फ़ बबली को धर दबोचा जोन सात के पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम ने। घाटकोपर पुलिस स्टेशन के डिटेक्शन विभाग में कार्यरत दो पुलिस कर्मियों पे सलमा पटेल(बदला हुवा नाम)उर्फ बबली ने निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक यूसुफ शेख की मिलिभगत से जूठी तक्रार जानेवारी में एक एनजीओ के माध्यम से दर्ज कराई थी बबली तक्रार अर्ज़ में बताया था कि दो पुलिस कर्मी और एक रिक्शा ड्राइवर ने उसके घर मे घुसकर उसके साथ बलत्कार किया और मारपीट की जिसकी वजह से उसका गर्भपात हुवा और इसकी नाबालिक लड़की के साथ भी इनलोगो ने मारपीट की जिसके बाद अगस्त महीने में पुलिस कर्मी और रिक्शा ड्राइवर के खिलाफ बलत्कार और पोस्को जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज किया गया।

डिसपी प्रशांत कदम ने पुलिस पे लगे आरोप को गंभीरता से लेते हुवे एक स्पेशल टीम बनाकर जांच के आदेश दिए।जांच में मालूम पड़ा कि जिस समय महिला ने घटना का टाइम बताया था उस वक़्त आरोप लगाए हुवे पुलिस कर्मी में से एक पुलिस कर्मी आरोपी लाने के लिए कानपुर में था और दूसरा पोलिस कर्मी घाटकोपर पुलिस स्टेशन में कार्यरत था और रिक्शा ड्राइवर अपने घर में सोया हुवा था।जांच में ये भी पता चला कि बबली किस तरह के व्यसास से जुड़ी हुवी है। आरोपी महिला ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में और भी ऐसे बेगुनाह लोगों को फसाने का काम किया है चंद पैसों के लिये मुंबई पुलिस की इज्जत पे कीचड़ उछालने का काम इस आरोपी महिला ने किया।
यूसुफ शेख घाटकोपर पोलिस स्टेशन में कार्यरत था जिसपे एक महिला द्वारा तीन तलाख और बलत्कार जैसे मामलों में केस दर्ज किया गया था।

यूसुफ शेख के खिलाफ लगातार घाटकोपर के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत मिलती रहती थी जिसके वजह से उसको डिटेक्शन विभाग से निकाल दीया गया था।यूसुफ शेख को लगता था की उसको डिटेक्शन विभाग से निकलने में शिशुपाल जगधने और अजय गव्हाने नाम के पुलिस कर्मियों का हाथ है जिसकी वजह से यूसुफ शेख ने बबली से मिलकर इन दो पुलिस कांस्टेबल को फसाने की साजिश रचने लगा।
यूसुफ शेख ने एक एनजीओ को गुमराह करते हुवे बबली के साथ मिलकर जूठी तक्रार दर्ज करवाने के लिए एनजीओ का साहरा लिया।
पत्रकार मनोज कुमार दुबे ने यूसुफ शेख पे बलत्कार का मामला दर्ज होने पर अखबार में खबर लगाई थी जिसकी वजह से नाराज होकर घाटकोपर पुलिस स्टेशन के अंदर अपनी गुंडई दिखाकर यूसुफ शेख ने पत्रकार मनोज दुबे पे जानलेवा हमला किया और दुबे पे कुछ अधिकारियों से मिलकर जुठे केस में फसाया।
पत्रकार दुबे पे जुठे केस बनाने के लिए इसी महिला का उपयोग करके महिला को केस में विटनेस बनाया।

डीसीपी प्रशांत कदम के नेतृत्व में स्पेशल टीम का गठबंधन किया और पुलिस वालों पे लगे आरोप की जाच की गई। जब इस केस की जांच की गयी तो यूसुफ शेख और बबली के रिश्तों के बारे में बात सामने आई और पता चला कि यूसुफ शेख के कहने पर रजिया ने दो ईमानदार पुलिस वालों और और पत्रकार मनोज दुबे को फसाया।
निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक यूसुफ शेख के बोलने पे मुंबई पुलिस की इज्जत पे कीचड़ उछालने का काम बबली पटेल ने किया।
जांच में सामने आयी सचाई और सबूतों के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है फिलहाल महिला घाटकोपर पुलिस कस्टडी में है।यूसुफ शेख की तलाश की जा रही है।
डीसीपी प्रशांत कदम के नेतृत्व में एस आई टी टीम पोनि विठ्ठल आर्डेकर,सपोनि वैशाली सरवदे,पोशि रमेश गीते,मपोशि दिपाली मोहोळकर ने इस केस की छानबीन करते हुवे बेगुनाहों को फसने से बचाया और इस बात को एक बार फिर से मुंबई पुलिस ने साबित किया है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही।

Leave a Reply

Your email address will not be published.